Tuesday, July 15, 2008

मां सरस्वती की वन्दना

सिद्धि ज्ञान ध्यान धवल प्रकाश पुन्ज,
बुद्धिम् प्रदाम शक्ति धाम माता शारदे ।
हंस पै सवार वीणा पाणि कमलासनी मां,
सत्यशील दयावान जय जय माता शारदे ।।
चरणों में तेरे आया माता ज्ञान दायनी मैं,
भर दे प्रकाश बुद्धि तेज को संवार दे ।
कलम बखान करें तेरा गुणगान करें,
बुद्धि ज्ञान दायनी कृपालु माता शारदे ।।
जाति धर्म भेदभाव निन्दा औ बुराई त्याग,
रीति नीति प्रीति प्रेम दे दे माता शारदे ।
जलन कपट छल छद्म के न व्यापै भाव,
निष्काम सत्यता जगा दे माता शारदे ।
सुख शान्ति करूणा की निश्छल चेतना के,
सरस स्वछन्द बन्द देदे माता शारदे ।
पग न विलग होय सत पथ गामी बनूं,
सिन्धु सा अपार प्यार दे दे माता शारदे ।।
निःस्वार्थ राष्टीय भावना से ओत प्रोत ,
कह सकूं गीत ग़ज़ल छन्द माता शारदे ।
मातृ भूमि भारत के यश का बखान करूं,
दे दे शक्ति भक्ति ज्ञान माता शारदे ।।
-. मोहन तिवारी आनन्द

No comments: