Saturday, September 13, 2008

प्यारा हिन्दुस्तान

हिन्दुस्तान हमारा प्यारा,हिन्दुस्तान हमारा।
जहां गंगा यमुना सरस्वती की बहती कल कल धारा।।
विंन्ध हिमांचल ऋष्यमूक हिमगिर ने मुकुट संवारा ।
हिन्दुस्तान हमारा प्यारा,हिन्दुस्तान हमारा।।

गंगा यमुना के कछार में फसलें लहरायें ।
काश्मीर केशर की क्यारी खुशबू फैलायें ।।
असम चाय बागानों में मुस्काएं जन मन हमारा।
हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान हमारा ।।

वीर सिपाही बना हिमालय अकड़ा खड़ा हुआ है।
भारत माता के चरणों में सागर पड़ा हुआ है।।
पूरब की आभा से पश्चिम जल भुल रहा बिचारा।
हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान हमारा ।।

प्रथम सभ्यता की किरणों से जग को गम दिखलाया ।
तंत्र मंत्र आराधन प्राणायाम योग सिखलाया ।।
दिया दशमलव अंकशास्त्र को जग का गणित संवारा।
हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान हमारा ।।

वाल्मीकि तुलसी कबीर मीरा की मीठी वानी।
रामायण गीता सुखसागर गाते अमर कहानी।।
गुरूगोविन्द की रीति नीति का है पालन हारा।
हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान हमारा ।।

इसके चरणों में नत मस्तक हम बालक नादान।
इसके लिए समर्पित तन मन धन वैभव सम्मान।।
इसकी खुशहाली गौरव को सब कुर्बान हमारा ।
हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान हमारा ।।
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